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Sanskriti University establishes Centre for Excellence with MSME

New benchmark in providing job-oriented education

Mathura, July 04, 2018. In the field of technical education, Sanskriti University established a new benchmark on Wednesday, 4th July. In order to promote job-oriented education in the Braj region, R. Paneer Selvam Principal Director - P.P.D.C. Agra in the presence of Vice-Chancellor Dr. Rana Singh and Pro-Vice-Chancellor Dr. Abhay Kumar, inaugurated the Center of Excellence by performing the ribbon cutting ceremony in the campus of Sanskriti University. With the support of MSME, this is the first Center of Excellence opened in the state at a higher educational institution. With the opening of this centre, students will not only be able to get employment in big companies but they will also be able to fulfill their dreams in the field of self-employment.

With the opening of Centre for Excellence at Sanskriti University, now the students of Mathura district, will also be able to fulfill their dream of becoming a smart engineer by acquiring expertise in the field of latest technologies like Automation and Robotics Education, CNC etc. On the occasion of the launch of the Center of Excellence, Vice-Chancellor Dr. Rana Singh said that revolutionary changes are taking place in the technical sector around the world. The young students should be competent by acquiring skills in the domain of emerging and smart technologies. This is a moment of joy for us at Sanskriti University to have joined hands with MSME to further the cause of excellence in imparting skills in the domain of emerging technologies. In the modern industries, the whole process of production is becoming digital, so it is very important for the students to adopt skillsets pertaining to modern technologies.

On this occasion, R. Paneer Selvam said that technical education plays an important role in the development of the country by creating skilled manpower, increasing industrial production and improving the quality of life of the people. India is a big industrial country. Now the country needs smart engineers; So, MSME wants to produce world-class and globally competitive professionals by providing technical expertise to the youth. Mr. Selvam said that the thinking of the Chancellor of Sanskriti University, Mr. Sachin Gupta, about the youth is worth an applause. The efforts of Chancellor Shri Gupta could lead to the fructification of the Center of Excellence at Sanskriti University.

The Pro-Vice-Chancellor Dr. Abhay Kumar said that we can develop the country by transforming the skillsets of the young generation. The opening of the Center of Excellence in Sanskriti University with the help of Micro-Small and Medium Enterprises (MSME) is beneficial for the youth of the entire Braj Mandal. On this occasion, PPDC Agra’s Assistant Director Rajkumar, Registrar of Sanskriti University, Puran Singh, Prof. Nirmal Kundu, Head of the Department of Engineering –Vincent Balu, Prof. Dilip Singh, Dr. Durgesh Wadhwa, Finance Officer - Avdhesh Shukla, IT Head - Sudhanshu P. Shah, Librarian -Roop Kishore Sharma etc. were present.


संस्कृति यूनिवर्सिटी में रोजगारोन्मुख शिक्षा का श्रीगणेश
एमएसएमई के सहयोग ले खुला सेण्टर आफ एक्सीलेंस

मथुरा। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में संस्कृति विश्वविद्यालय ने बुधवार चार जुलाई को एक नया आयाम स्थापित किया। ब्रज क्षेत्र में रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रिंसिपल डायरेक्टर पी.पी.डी.सी. आगरा आर. पन्नीर सेल्वम द्वारा कुलपति डा. राणा सिंह, प्रति-कुलपति डा. अभय कुमार की उपस्थिति में रिबन काटकर संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर में सेण्टर आफ एक्सीलेंस का शुभारम्भ किया गया। एमएसएमई के सहयोग से किसी उच्च शैक्षणिक संस्थान में खुला प्रदेश का यह पहला एक्सीलेंस सेण्टर है। इसके खुलने से छात्र-छात्राएं न केवल बड़ी कम्पनियों में रोजगार हासिल कर सकेंगे बल्कि स्वरोजगार के क्षेत्र में भी अपने सपनों को साकार कर सकेंगे।

संस्कृति यूनिवर्सिटी में खुले सेण्टर आफ एक्सीलेंस से अब अन्य प्रदेशों के साथ ही मथुरा जनपद के छात्र-छात्राएं भी आटोमेशन एण्ड रोबोटिक शिक्षा, सीएनसी जैसी आधुनिकतम तकनीक के क्षेत्र में दक्षता हासिल कर स्मार्ट इंजीनियर बनने का अपना सपना साकार कर सकेंगे। सेण्टर आफ एक्सीलेंस के शुभारम्भ अवसर पर कुलपति डा. राणा सिंह ने कहा कि दुनिया भर में तकनीकी क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहे हैं, ऐसे में युवा छात्र-छात्राओं को भी स्मार्ट तकनीक में दक्षता हासिल कर प्रतिस्पर्धी बनना चाहिए। आधुनिक उद्योग-धंधों में उत्पादन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होती जा रही है, ऐसे में छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक तकनीक को आत्मसात किया जाना बहुत जरूरी है।

इस अवसर पर आर. पन्नीर सेल्वम ने कहा कि तकनीकी शिक्षा कुशल जनशक्ति का सृजन कर, औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाकर और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत एक बड़ा औद्योगिक देश है। देश को अब स्मार्ट इंजीनियरों की जरूरत है, लिहाजा एमएसएमई युवाओं को तकनीकी दक्षता प्रदान कर उन्हें वैश्विक स्तर का प्रतिस्पर्धी बनाना चाहती है। श्री सेल्वम ने कहा कि युवाओं को लेकर संस्कृति यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सचिन गुप्ता की सोच सराहना के काबिल है। कुलाधिपति श्री गुप्ता के प्रयासों से ही यहां सेण्टर आफ एक्सीलेंस खुल सका।

प्रति-कुलपति डा. अभय कुमार ने कहा कि समय के साथ चलकर ही हम देश का विकास कर सकते हैं। सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के सहयोग से संस्कृति विश्वविद्यालय में सेण्टर आफ एक्सीलेंस का खुलना समूचे ब्रज मण्डल के युवाओं के लिए लाभकारी है। इस अवसर पर पी.पी.डी.सी. आगरा के असिस्टेंट डायरेक्टर राजकुमार, संस्कृति विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पूरन सिंह, प्रो. निर्मल कुण्डू, विभागाध्यक्ष इंजीनियरिंग विंसेंट बालू, प्राध्यापक दिलीप सिंह, डा. दुर्गेश बाधवा, मुख्य वित्त अधिकारी अवधेश शुक्ला, आईटी हेड सुधांशु पी. शाह, लाइब्रेरियन रूपकिशोर शर्मा आदि उपस्थित थे।

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